कचहरी परिसर में मनाया गया अधिवक्ता दिवस , कचहरी परिसर रावस्ट्स गंज में शनिवार को अधिवक्ता दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम सोनभद्र बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट विनोद कुमार चौबे एवं पूर्व महामंत्री श्रीनिवास मिश्रा तथा वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को माल्यार्पण किया ! डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन सोनभद्र के उपाध्यक्ष एड पवन कुमार सिंह ने कहा कि आज ही के दिन भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का जन्म हुआ था वह एक प्रख्यात अधिवक्ता भी थे। इसी कारण 3 दिसंबर को प्रत्येक वर्ष अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को ऐतिहासिक बनाने के लिए अधिवक्ताओं को शीघ्र एवं सुलभ न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाने का संकल्प दोहराने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज का विशिष्ट व्यक्ति होता है। जो अपने विवेक और बौद्धिक कुशलता से विभिन्न समाजों का नेतृत्व करने में पारंगत होता है। समस्त अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर सभी के लिए न्याय का रास्ता प्रशस्त करने में अपनी भूमिका को महत्व देने का संकल्प भी लिया। पूर्व महामंत्री डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के एड अतुल प्रताप पटेल ने कहा ने कहा कि अधिवक्ता ने पीड़ितों, वंचितों एवं वादकारियों को सुलभ एवं शीघ्र न्याय दिलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का संकल्प लिया । साथ ही एकजुट होकर न्याय के लिए सदैव तत्पर रहकर कार्य करने की शपथ ली। स्वतंत्रता ही नहीं अपितु जब स्वतंत्रता मिली और नये भारत को गढ़ने का समय आया तब भी वकीलों की महत्ता बनी रही। महात्मा गांधी से लेकर बी आर अम्बेडकर, सरदार पटेल तक लोग वकालत के पेशे से अपने जीवन की शुरुआत करने वाले रहे हैं। इन सब भारत की महान विभूतियों के प्रारंभिक पेशे वकालत ही रहे बाद में यह लोग भले राष्ट्रपति ,मंत्री हुए परन्तु प्रारंभ में वकील ही रहे। अधिवक्ता दिवस के अवसर पर एड सत्यप्रकाश कुशवाहा, चौधरी कोमल सिंह, एड अशोक कुमार कनौजिया, एड शारदा प्रसाद मौर्या, एड अरुण कुमार सिंघल, एड प्रदीप कुमार, एड सुशील कुमार, एड वी पी सिंह आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे !