गोहनिया गौशाला की बदहाली पर बिफरे बजरंग दल कार्यकर्ता, तीन घंटे तक नहीं पहुंचे जिम्मेदार

दैनिक बुद्ध का संदेश
फखरपुर/बहराइच। फखरपुर क्षेत्र के ग्राम गोहनिया स्थित गौशाला में गौवंशों की कथित बदहाली और अव्यवस्थाओं को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने गौशाला का निरीक्षण किया तो कई गंभीर खामियां सामने आने का दावा किया। कार्यकर्ताओं के मुताबिक सूचना देने के बावजूद प्रधान, सचिव और बीडीओ करीब तीन घंटे तक मौके पर नहीं पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गौशाला के मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला और कर्मचारी भी नदारद बताए गए। परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार मिला। गौवंशों के लिए हरे चारे के साथ चूनी-चोकर, नमक और गुड़ की भी व्यवस्था नहीं मिली। संक्रमण की रोकथाम के लिए चूना या कीटाणुनाशक छिड़काव की व्यवस्था भी नहीं होने का आरोप लगाया गया। कार्यकर्ताओं के अनुसार गौशाला में कुल 85 गौवंश हैं, जिनमें केवल 46 की टैगिंग हुई है, जबकि 39 बिना टैग के मिले। इतनी संख्या में गौवंशों की देखरेख की जिम्मेदारी महज एक केयरटेकर के भरोसे होने की बात भी सामने आई। तीन गौवंश गंभीर रूप से बीमार और दयनीय हालत में मिले। सबसे गंभीर स्थिति गौशाला के पीछे बताई गई, जहां पांच गौवंशों की खुली कब्रें मिलीं। आरोप है कि वहां मृत गौवंशों के अवशेष पड़े थे और उन्हें कुत्ते व कौवे नोच रहे थे। इससे कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त हो गया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग प्रशासन से की है। उन्होंने गौवंशों की समुचित देखभाल, उपचार, चारा और साफ-सफाई की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की भी मांग उठाई।


