फीस के नाम पर लाखों की वसूली और कूटरचित दस्तावेज देने का आरोप, नन्दा इंस्टीट्यूट का प्राचार्य गिरफ्तार

बहराइच। नन्दा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में विद्यार्थियों से फीस के नाम पर लाखों रुपये लेने और कथित रूप से कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के मामले में रामगांव पुलिस ने नामजद आरोपी प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ सुरेन्द्र राठौर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, बलरामपुर निवासी रवि प्रताप ने पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव को प्रार्थना-पत्र देकर शिकायत की थी कि संस्थान में विद्यार्थियों से फीस के नाम पर बड़ी धनराशि वसूली जा रही है तथा उन्हें कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शिकायत पर एसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना रामगांव में मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने मु0अ0सं0 301/2026 में धारा 419, 420, 467 और 468 भादंसं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान प्राप्त अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में नामजद प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ सुरेन्द्र राठौर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी नानपारा रोड स्थित नन्दा इंस्टीट्यूट से संबंधित बताया गया है और उसका मूल निवास धनावा, थाना खैरीघाट है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी थाना रामगांव में मु0अ0सं0 287/2025 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
गिरफ्तारी की कार्रवाई थानाध्यक्ष दिवाकर तिवारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने की। टीम में उपनिरीक्षक हेमन्त कुमार सिंह, उपनिरीक्षक मैनेजर सिंह, हेड कांस्टेबल तेजप्रताप चौधरी, कांस्टेबल कृष्ण कुमार चौधरी, अमित यादव, शुभम शर्मा और कांस्टेबल शोभा सिंह शामिल रहे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु रवाना किया है। मामले में विद्यार्थियों से जुड़े आरोपों और शैक्षणिक दस्तावेजों की सत्यता को लेकर विवेचना जारी है।




