ट्रामा सेंटर में डॉक्टर गायब, मरीज बेहाल; 12 कर्मचारी गैरहाजिर
ट्रामा सेंटर का यह हाल तो सीएचसी-पीएचसी का भगवान ही मालिक!

बहराइच। जिला मुख्यालय के मोहल्ला चांदपुरा स्थित ट्रामा सेंटर की स्वास्थ्य व्यवस्था सोमवार को सवालों के घेरे में आ गई। सुबह करीब 10 बजे तक न डॉक्टर पहुंचे और न ही स्टाफ नर्स। इलाज की उम्मीद में पहुंचे मरीज इधर-उधर भटकते रहे। एक मरीज की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शर्मा अचानक ट्रामा सेंटर पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान मौके का हाल देखकर वह भी हैरान रह गए।
जांच में पांच डॉक्टर समेत कुल 12 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
ट्रामा सेंटर जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा में निर्धारित समय पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी न होना मरीजों की जिंदगी से जुड़ा गंभीर सवाल है। जब जिला मुख्यालय की प्रमुख स्वास्थ्य सुविधा में ही कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब देखना यह है कि सीएमओ की कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में कितनी सुधार होता है और अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की जवाबदेही किस तरह तय की जाती है।



